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म‍िडिल ईस्‍ट या पश्चिम एशिया का इलाका एक तरह से दुनिया के लिए लाइफ लाइन की तरह से है। म‍िडिल ईस्‍ट के अंतर्गत ईरान, सऊदी अरब, संयुक्‍त अरब अमीरात खाड़ी (UAE), कतर, कुवैत, ओमान, बहरीन, इजरायल, यमन, इजरायल, जॉर्डन, लेबनान, सीरिया, फलस्‍तीन, तुर्की, इराक और म‍िस्र देश शामिल हैं। यह पूरा इलाका अफ्रीका और यूरोप से सटा हुआ है। यह पूरा इलाका तेल और गैस से भरा हुआ है। ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट बंद है जिससे दुनियाभर में तेल और गैस का गंभीर संकट पैदा हो गया है। UAE, सऊदी अरब, ईरान, कतर इस इलाके के सबसे प्रभावी देशों में शामिल है। दुबई दुनियाभर के व‍ित्‍तीय केंद्र के रूप में उभरा है। ईरान युद्ध के बाद खाड़ी देशों में बहुत तेजी से समीकरण बदल रहा है। अमेरिकी सेना अपने कदम पीछे खींच रही है। वहीं पाकिस्‍तान ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर नाटो जैसे मक्‍का सुरक्षा समझौते पर हस्‍ताक्षर किया है। अब यूएई भारत, इजरायल के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। यूएई में करीब 40 लाख भारतीय काम करते हैं। यह यूएई की कुल आबादी का 35 फीसदी है। भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध अपने सर्वोच्‍च शिखर पर हैं। सऊदी अरब पाकिस्‍तान के करीब जा रहा है लेकिन भारत के साथ ऊर्जा संबंध बहुत अच्‍छे हैं। सऊदी अरब में 24 लाख भारतीय काम करते हैं। इसलिए यह पूरा इलाका भारत के लिए अब बेहद अहम हो गया है।