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कौन हैं IAS अंलकृता पांडेय? जो श्रावणी मेला के दौरान कर रहीं कांवड़ियों की हर सुविधा का ख्याल रखने का दावा

Edited byआशुतोष कुमार पांडेय|नवभारतटाइम्स.कॉम
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IAS Alankrita Pandey: भागलपुर के सुल्तानगंज से होकर कांवड़ियों का जत्था बाबाधाम के लिए जाता है। ऐसे में कांवड़ियों की सुविधा के लिए भागलपुर जिला प्रशासन तैनात रहता है। भागलपुर की तेज तर्रार आईएएस अधिकारी अलंकृता पांडेय इस बार पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने दावा किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की सुविधा की कमी नहीं होने दी जाएगी।

IAS Alankrita Pandey
आईएएस अलंकृता पांडेय(फोटो- नवभारतटाइम्स.कॉम)
भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में 2016 बैच की आईएएस अधिकारी अलंकृता पांडेय जिलाधिकारी के पद पर पदस्थापित हैं। उन्होंने श्रावणी मेला- 2026 और कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि मेला के दौरान भीड़ प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, विद्युत आपूर्ति, यातायात व्यवस्था, पार्किंग, नियंत्रण कक्ष तथा सूचना एवं सहायता केंद्रों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। अलंकृता पांडेय ने साफ कहा है कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम रखे जाएंगे और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।


जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय का सख्त आदेश

श्रावणी मेला के सफल संचालन के लिए उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित व्यवस्था को सबसे बड़ी प्राथमिकता देते हुए ये सुनिश्चित किया है कि सभी तैयारी समय से पहले पूरी हो जाए। इतना ही नहीं मेला से पहले भागलपुर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी पहलुओं को ठीक कर लिया गया है। अलंकृता पांडेय खुद ही सारे मामलों की मॉनिटरिंग कर रही हैं। प्रत्येक व्यवस्था का वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण एवं सत्यापन किया गया है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।



कौन हैं IAS अधिकारी अलंकृता पांडेय?

अलंकृता पांडेय का जन्म 29 अक्टूबर, 1992 को हुआ था। वे बिहार कैडर की भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी हैं और 2016 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, इलाहाबाद से कंप्यूटर विज्ञान में इंजीनियरिंग स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। वर्तमान में वे भागलपुर में कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं, जो उन्होंने 18 जून, 2026 से संभाला है। इससे पहले वे कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट तथा सहायक सचिव के पदों पर भी रह चुकी हैं। उनके पति आईएएस अंशुल अग्रवाल बांका जिले के डीएम हैं। उन्होंने भी कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में कांवड़िया पथ पर विशेष व्यवस्था की है।


IAS अलंकृता पांडेय के बारे में और जानकारी

उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली अलंकृता पांडेय बचपन में ही पढ़ाई में बहुत तेज थीं। उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), इलाहाबाद से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की थी।
उसके बाद अलंकृता पांडेय ने बेंगलुरु की एक नामी गिरामी आईटी कंपनी में नौकरी की। उसके बाद वहां मन नहीं लगा और उन्होंने 2015 में यूपीएससी की परीक्षा थी और ऑल इंडिया में 85वां रैंक प्राप्त किया।
2016 में आईएएस बनने के बाद अलंकृता पांडेय को हालांकि बंगाल कैडर अलॉट किया गया। इसी बीच ट्रेनिंग के दौरान उनकी मुलाकात आईएएस अंशुल अग्रवाल से हुई। दोनों ने 2018 में शादी कर ली।
विवाह के बाद अलंकृता ने इंटर कैडर ट्रांसफर का आवेदन किया और बंगाल सरकार ने शुरू में ना नुकुर किया। लेकिन वे बाद में ट्रांसफर लेकर बिहार कैडर में आ गईं।
अलंकृता पांडेय भागलपुर से पहले जहानाबाद डीएम के रूप में तैनात रहीं, उन्होंने इस दौरान अतिक्रमणकारियों को अच्छा सबक सीखा दिया था। उन्होंने अपने कार्यकाल में गंदगी और नल जल योजना की बदहाली को देखकर अधिकारियों को फटकारा था।

श्रावणी मेला 2026 को लेकर तैयारी पूरी

ध्यान रहे कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से श्रावणी मेला 2026 की शुरुआत कर दी गई है। उसके बाद भागलपुर जिले में अलंकृता पांडेय की ओर से कांवड़ियों की सुविधा के लिए सारा ख्याल रखा जा रहा है। उनकी ओर से स्पष्ट कहा गया है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार का कष्ट नहीं होना चाहिए। अलंकृता पांडेय एक तेज तर्रार और अपनी ड्यूटी को कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाने वाली अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा को चुनौती के तौर पर लेते हुए सभी सुविधा श्रद्धालुओं को मिले, इसे सुनिश्चित किया है।
आशुतोष कुमार पांडेय

लेखक के बारे मेंआशुतोष कुमार पांडेयआशुतोष कुमार पांडेय, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिसिंपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। वे सितंबर- 2022 में टाइम्स ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। फिलवक्त आशुतोष NBT बिहार- झारखंड डिजिटल में डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इवनिंग शिफ्ट इंचार्ज भी हैं। क्षेत्रीय खबरों की प्लानिंग, सटीक संपादन, खबरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के अलावा फील्ड के साथियों से समन्वय स्थापित करने का काम करते हैं। आशुतोष राजनीति, क्राइम, ऑफ बीट स्टोरी, मानवीय संवेदना से जुड़ी खबरों और रेट्रो स्टोरी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 22 वर्षों के अपने पत्रकारीय करियर में 14वीं लोकसभा 2014 से लेकर 17वीं लोकसभा 2019, 13वीं बिहार विधानसभा 2005 से लेकर 18वीं बिहार विधानसभा चुनाव 2025 तक को डेस्क के साथ ग्राउंड पर जाकर कवर किया। इन 22 वर्षों के कार्यकाल में आशुतोष ने कई सियासी अनसुनी कहानियों को कुरेदा। सियासी किस्सों को चुटीले अंदाज में पेश किया। डिजिटल में 'अतीत के पन्नों से' एक सीरीज चलाई। कर्पूरी ठाकुर, लालू प्रसाद यादव, जयप्रकाश नारायण सहित बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों की अनसुनी कहानी लिखी। रेड लाइट एरिया पर विशेष रिपोर्ट का प्रकाशन। आशुतोष ने इन 22 वर्षों में 12 वर्ष ग्राउंड रिपोर्टिंग को दिए। उनकी भारत- नेपाल सीमा पर ट्रेन से होने वाली तस्करी की एक्सक्लूसिव रिपोर्टिंग को ईटीवी ग्रुप के चेयरमैन रामोजी राव ने सराहा और प्रशस्ति पत्र से नवाजा। आशुतोष ने प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के तीनो फॉर्म में काम किया है। नेटवर्क 18 में बुलेटिन प्रोड्यूसर के तौर पर कार्य करते हुए आधे- आधे घंटे के कई चर्चित कार्यक्रम बनाए। जिसमें 'चलो चलें अमरनाथ' आज भी लोग पसंद करते हैं। आशुतोष ने लोकसभा चुनाव 2019 में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों का एकांतिक प्रोफाइल इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए बनाया। जिसे नेटवर्क में काफी सराहा गया। आशुतोष खबरों के पीछे की कहानी को पकड़ने में माहिर हैं। उन्होंने छोटी से छोटी खबर को उसे न्यूज वैल्यू तक पहुंचाया। वे भारतीय राजनीति के मझे हुए खिलाड़ियों की कहानियों को किताबों से खोजकर निकालने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर सहित कई नेताओं की जीवनी से अनसुनी कहानी खोजी और उसे रेट्रो स्टोरी का रूप दिया। अनुभव- डिजिटल, प्रिंट और इलेक्ट्रानिक पत्रकारिता में 22 वर्षों से ज्यादा समय से सक्रिय। 2001 में इंडियन एक्सप्रेस समूह के हिंदी दैनिक जनसत्ता के कोलकाता संस्करण में असाइमेंट बेस्ड फीचर राइटर से शुरुआत। बाद के दिनों में हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और आदर्शन समाचार पत्रिका में स्वतंत्र लेखन। 2003 में ईटीवी नेटवर्क में संवाददाता के तौर पर योगदान। 2009 में मौर्य टीवी में कार्य। उसके बाद हिंद्स्तान दैनिक मुजफ्फरपुर संस्करण में लोकल पेज इंचार्ज, फोकस टीवी, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नई दिल्ली और प्रभात खबर डिजिटल, नेटवर्क 18 में काम करने का सौभाग्य मिल चुका है। बांग्ला थियेटर 'अल्काप' के आठ प्रोडक्शन में कार्य करने का अनुभव। अवार्ड और पुरस्कार 2005 से 2009 के बीच 12 बेस्ट स्टोरी ऑफ द डे का पुरस्कार मौर्य टीवी पटना में ऑफ बीट स्टोरी इंचार्ज के तौर पर सम्मान LIB बिहार चैप्टर की ओर से प्रेरणास्रोत सम्मान 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन की ओर से 'स्टोरी ऑफ द मंथ' का पुरस्कार साक्षात्कार- आशुतोष ने अपने पत्रकारिता करियर में अब तक प्रमोद महाजन, अमर सिंह, जया प्रदा, राजनाथ सिंह, लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, मालिनी अवस्थी, कुनिका सदानंद, रवि किशन, मनोज तिवारी मृदुल और भरत शर्मा के अलावा गीतकार गुलजार, अभिनेता पीयूष मिश्रा, सौरभ शुक्ला, सतीश कौशिक सहित वरिष्ठ पत्रकार और पेड न्यूज के खिलाफ अभियान चलाने वाले पत्रकारिता के सशक्त हस्ताक्षर प्रभाष जोशी का इंटरव्यू कर चुके हैं।... और पढ़ें

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