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Vastu Tips for Sleeping : सोते समय किस दिशा में होना चाहिए सिर, कहीं आप तो नहीं कर रहे गलती, वास्तु गुरु से जानें बेडरुम से जुड़े नियम

Authored byआयुषी त्यागी |नवभारतटाइम्स.कॉम
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Sone Ki Sahi Disha Kya Hai : वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोने के लिए सही दिशा का पता होने बेहद जरुरी है क्योंकि, सोने की सही दिशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और उसकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करती है। आइए जानते हैं वास्तु गुरु से कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोने की सही दिशा कौनसी है।

vastu sashtra sone ki sahi disha kya hai
आजकल व्यक्ति का जीवन बहुत ही व्यस्त हो चुका है। हर कोई अपने जीवन में किसी न किसी काम में उलझा रहता है। इसलिए अपने साथ हो रही घटनाओं पर भी ध्यान नहीं दे पाते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सुबह सोकर उठने के बाद भी लोग अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं। साथ ही मानसिक तनाव भी हमेशा बना रहता है। तो इसे आम थकान समझकर नजरअंदाज न करें। वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, हमारे शरीर की ऊर्जा और पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र के बीत एक कनेक्शन होता है। जिसके बीच संतुलन होना बेहद जरूरी है। अगर यह संतुलन बिगड़ जाता है तो व्यक्ति को मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सोते समय आपके सिर और बेड की सही दिशा में होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, बेडरूम में बेड की सही दिशा क्या होनी चाहिए।

किस दिशा में सिर रखकर सोना चाहिए


  • वास्तु गुरु मान्या कहती हैं कि सोने के लिए सबसे सही दिशा दक्षिण दिशा मानी जाती है। इस दिशा में सोने से गहरी और अच्छी नींद आती है। साथ ही स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति में भी सुधार होता है। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि बेड के पीछे दक्षिण दिशा में एक दीवार जरुर हो।
  • जो लोग अपना नया करियर शुरू करने वाले हैं या विद्यार्थियों के लिए पूर्व दिशा सबसे अच्छी मानी गई है। इस दिशा में सिर रखकर सोने से याददाश्त अच्छी होती है। इस दिशा को हमेशा साफ सुथरा रखएं।
  • पश्चिम दिशा में सिर रखकर सोने से मिलेजुले परिणाम मिलते हैं। अगर आप सफलता और प्रसिद्धि पाना चाहते हैं तो इस दिशा में सिर रखकर सो सकते हैं। लेकिन, कभी कभी आपको बेचैनी महसूस हो सकती है। अगर आप इस दिशा में सिर रखकर सोते हैं तो फिर आप अपने बेड पर हल्के रंग की चादर बिछाकर ही सोए।
  • उत्तर दिशा में भूलकर भी सिर रखकर नहीं सोना चाहिए। क्योंकि, इस दिशा में सोने से आपके शरीर की सारी ऊर्जा खत्म हो जाती है। ऐसे लोगों की चिंता और तनाव दोनों बढ़ जाता है।
उत्तर दिशा में सिर रखकर क्यों नहीं सोना चाहिए?

  • धरती की उत्तर दिशा और हमारी शरीर का उत्तर दिशा एक दूसरे तो दूर धकेलती हैं। जिस वजह से रक्त का प्रवाह शरीर में सही से नहीं हो पाता है। साथ ही इस दिशा में सोने से दिमाग पर भी प्रभाव पड़ता है।
  • इस दिशा में सोने से दिमाग पर भी प्रेशर पड़ता है। जिस वजह से याददाश्त कमजोर होती है। साथ ही ब्लड प्रेशर की भी समस्या होती है।
  • वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, उत्तर दिशा में सोने से खराब और डरावने सपने भी आते हैं। सुबह उठने पर शरीर में दर्द रहता है।
बेड को सही दिशा में रखने के सही नियम

  • मास्टर बेडरूम के लिए घर की दक्षिण पश्चिम दिशा सबसे अच्छा मानी गई है।
  • बच्चों का बेडरूम या गेस्ट रूम बनाने के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उत्तम रहती है। इसलिए इस दिशा में ही बच्चों का बेडरुम या गेस्ट रूम बनाएं।
  • बेड के ठीक सामने कोई शीशा या शीशे का दरवाजा न लगाएं।
  • बेड के ठीक पीछे दीवार होनी चाहिए। खिड़की नहीं होनी चाहिए।
  • बेडरूम के ठीक सामने पैर करके न सोएं।
  • बेड के अंदर या नीचे इलेक्ट्रॉनिक आइटम या कूड़ा कबाड़ा न रखें।
    आयुषी त्यागी

    लेखक के बारे मेंआयुषी त्यागी आयुषी त्यागी, 8 साल से अधिक समय से पत्रकारिता जगत में काम कर रही हैं। वैदिक ज्योतिष के विषयों में बीते 5 साल से गहन अध्ययन कर रही हैं और इस पर इन्होंने कई लेख भी लिखे हैं जो नवभारत टाइम्स में लगातार प्रकाशित होते रहे हैं। ज्योतिषशास्त्र में ग्रह गोचर, टैरो कार्ड्स, वास्तु विज्ञान, हस्तरेखा विज्ञान, कुंडली से जुड़े विषयों को समझने के साथ-साथ आसान भाषा में लोगों तक ज्योतिष और इससे संबंधित उपाय पहुंचाने का काम कर रही हैं ताकि पाठकों को सही और सटीक जानकारी मिल सके। पिछले काफी समय से वैदिक ज्योतिष, स्वप्न शास्त्र, लाल किताब, महाभारत, रामायण और शिवपुराण, विष्णु पुराण, जैसे ग्रंथों पर का भी आयुषी अध्ययन कर रही हैं जिससे इनके पास ज्योतिष और धार्मिक विषयों में प्रचुर ज्ञान है। यह अपने आलेखों में पुराणों और ग्रंथों से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचा रही हैं। इन्हें धार्मिक स्थलों पर घूमने का भी शौक हैं और धार्मिक स्थलों की यात्रा के साथ ही साथ वहां के समृद्ध इतिहास और रोचक जानकारियों को भी हासिल करना इनका शौक रहा है और यह अपने अनुभव और तीर्थयात्रा ज्ञान को भी पाठकों तक पहुंचाने का काम करती रही हैं। इनका मानना है कि लोगों तक धर्म और धार्मिक ग्रंथों से जुड़ी सही और सटीक जानकारी पहुंचनी चाहिए ताकि धर्म के प्रति लोगों में भ्रम और गलत धारणाएं न फैलाई जा सकें। कार्य अनुभव और उपलब्धि इन्होंने धर्म और ज्योतिष को और बेहतर तरीके से जानने के लिए कई प्रसिद्ध व्यक्तियों की कुंडली का भी अध्ययन किया है जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई प्रसिद्ध हस्ती भी शामिल हैं। देश के कई प्रसिद्ध ज्योतिषी जैसे नंदिता पांडेय, सचिन मल्होत्रा, आचार्य कृष्णदत्त शर्मा, सद्गुरु श्री आनंद जी के साथ इन्होंने इंटरव्यू भी किया है और उनके आलेख भी प्रस्तुत करती रही हैं। साथ ही घर में वास्तु दोष के कारण होने वाली समस्याओं और उनके समाधान की भी जानकारी इनके पास है। पिछले 5 साल से धर्म कर्म से जुड़े करीब 9500 से अधिक आलेख इनके प्रकाशित हो चुके हैं। नवभारतटाइम्स.कॉम के साथ जुड़ने से पहले आयुषी त्यागी ने नवोदय टाइम्स,दैनिक जागरण और आज तक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में डिजिटल राइटर के रूप में पॉलिटिकल, क्राइम, बिजनेस और धर्म बीट्स पर लेख लिखे हैं। शैक्षणिक योग्यता इन्होंने जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में बैचलर्स डिग्री प्राप्त करने के बाद बैचलर ऑफ लेजिस्लेटिव लॉ यानी एलएलबी की डिग्री भी ली है। आयुषी त्यागी का मानना है कि धर्म के साथ साथ लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है। लेखन के मुख्य क्षेत्र - रामायण कथा - महाभारत कथा - पुराण कथा - टैरो कार्ड भविष्यवाणी - वास्तु शास्त्र - हस्तरेखा विज्ञान - लाल किताब - वैदिक ज्योतिष - ग्रह गोचर भविष्यवाणी... और पढ़ें

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